नहर में पानी नहीं आने की शिकायत करने पर, उल्टा शिकायतकर्ता को ही सिंचाई विभाग ने भेजा नोटिस।
नहर में पानी नहीं आने से किसानों में मचा हाहाकार।
सिंचाई विभाग के अधिकारी कुंभकरण की नींद में सोए।

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विकास खंड सेवरही के खुदुरा माइनर सहित नहरों की सफाई न के बराबर है और नहरें झाड़ झंखाड से पटी हुई। इसकी शिकायत अवधेश कुमार बीडीसी ने आईजीआरएस के माध्यम से दर्ज कराई जिसके क बाद भी पानी नहीं आया । आईजीआरएस करने पर उल्टा शिकायतकर्ता को ही सिंचाई विभाग ने नहर की भूमि काटने का झूठा आरोप लगा कर नोटिस भेजा दिया। मोबाईल से जेई अमित कुमार पांडेय से बात हुई तो उन्हों ने बताया कि पानी आ रहा है। गांव वालों ने नहर को बंद कर रहे है। बल्कि वास्तविकता यह है कि नहर में पानी का कहीं बुंद मात्र नही है। नहरों में पानी न आने से किसानों को कई तरह के समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं।किसानों को सिंचाई विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।सलेमगढ़ मौजा निवासी किसान अखिलेश उर्फ़ राजू दुबे ने आगबबूला होते हुए कहा कि किसानों की धान के फसलें पानी बिना सुख रहि है उधर सिंचाई विभाग के अधिकारी कुंभकरण की नींद में सोए हैं। किसान पंपिंग सेट चला चला कर थक चुके हैं। नहरों में पानी न आने की प्रमुख वजह नहरों किनारे नाला नहीं है। और समय पर नहरों की सफाई नहीं कराई जाती, केवल कोरमपूर्ति किया जाता है। सिंचाई विभाग के नियमो के मुताबिक साल में एक बार नहरों की सफाई कराई जानी चाहिए। ग्राम सलेमगढ़ नोनिया पट्टी, जामुनिया टोला, सलेमगढ़ मौजा पुरानी बाजार के किसानों ने बताया कि अगर नहर में पानी नहीं आता है तो हम सभी आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
Author: SPP BHARAT NEWS



