व्रती माताओं ने भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत पूर्ण किया।
सियरहां की प्राचीन छठ घाट पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब, वर्षों से लगता है मेला


सूर्य षष्ठी महाव्रत के दूसरे दिन व्रती माताओं ने नदियों व सरोवरों में खड़े होकर सोमवार को उगते हुए भगवान सूर्य को गो दुग्ध का अर्घ्य देकर अपने व्रत को पूर्ण किया। चार दिन तक चलने वाले इस महाव्रत में तीसरे दिन माताएं निराहार रहकर चौबीस घंटे का व्रत रहती हैं। और रातभर जागकर छठी मां की पूजन अर्चन करती हैं। उस दिन सायंकाल अस्ताचलगामी सूर्य को अघ्य दिया जाता है और दूसरे दिन भोर में सूर्योदय होने पर जल में खड़े होकर गो दुग्ध से अर्घ्य देकर अपने आराध्य देव की पूजा पूर्ण करती हैं। पिछले कुछ सालों से यह व्रत बहुत तेजी से आस्था के साथ मनाया जाता है। तमकुही विधानसभा के सलेमगढ़ सियारहा छठ घाट, दर्जी टोला, हफुआ, तरया, सिसवा, माधोपुर, मोरवन मठिया, समउर घाट को सजाया गया था जहाँ भारी संख्या में महिलाएं पहुंचीं और पूजन अर्चन किया। छोटी गंडक के किनारे और झरही के आदि घाटों पर भी भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर अपने कुटुम्ब व देश के कल्याण की कामना की गई। इस अवसर पर सलेमगढ़ ग्राम प्रधान प्रतिनिधी राज कुमार शाह, युवा भाजपा नेता निलय सिंह, मिथलेश ठाकुर, राजन राय, पंकज, विजय, पुर्व ग्राम प्रधान विनोद पटेल ने पहुंच कर शुभकामनाए दी। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए सीओ जितेन्द्र सिंह कालरा, तरयासुजान थाना प्रभारी राज प्रकाश सिंह और बहादुरपुर चौकी प्रभारी शनि जावला और उपनिरीक्षक विमलेश द्विवेदी, रणविजय राय, अपने दल बल के साथ तैनात रहे। मेले की निगरानी ड्रोन कैमरे से जिला प्रशासन द्वारा लगातार किया जा रहा था।
Author: SPP BHARAT NEWS


