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वक्फ बिल: संविधान की विजय, तुष्टीकरण का अंत – अनुराग ठाकुर

वक्फ बिल: संविधान की विजय, तुष्टीकरण का अंत – अनुराग ठाकुर

वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर लोकसभा में हुई चर्चा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद अनुराग ठाकुर ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया और इस विधेयक को संविधान की विजय और तुष्टीकरण की राजनीति के अंत के रूप में पेश किया। उन्होंने कहा, “यह बिल भारतीय संविधान की सर्वोच्चता का प्रतीक है और यह स्पष्ट संदेश देता है कि अब देश में केवल बाबासाहब का संविधान चलेगा, न कि मुग़लिया फरमान।”

अनुराग ठाकुर ने इस विधेयक को देश में एक समानांतर सत्ता के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम बताया, जो दशकों से अनियंत्रित और भ्रष्ट तरीके से काम कर रही थी। उनका आरोप था कि वक्फ बोर्ड लंबे समय से भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका था, जहां प्रशासनिक लापरवाही और नासमझी का बोलबाला था। ठाकुर ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी नीतियों ने वोटबैंक की राजनीति के लिए संविधान के सिद्धांतों से समझौता किया, और यही कारण था कि देश को विभाजन जैसी त्रासदी का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कर्नाटक में वक्फ बोर्ड से जुड़े कथित घोटालों का जिक्र किया, जिनमें कांग्रेस नेताओं पर आरोप लगे थे कि उन्होंने वक्फ संपत्तियों की अवैध रूप से हड़पाई की। ठाकुर ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा तुष्टीकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया और देश की एकता और अखंडता के साथ खिलवाड़ किया।

इस विधेयक का नाम “यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट” (UMEED) रखा गया है, जिसे उन्होंने गरीब मुस्लिम समुदाय के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। ठाकुर ने कहा कि यह विधेयक न केवल वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन को सुनिश्चित करेगा, बल्कि मुस्लिम महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों को भी सशक्त करेगा।

सांसद ने यह स्पष्ट किया कि यह विधेयक भारत को एक नई दिशा में ले जाएगा, जहां तुष्टीकरण की राजनीति का कोई स्थान नहीं होगा। “यह न पाकिस्तान है, न तालिबान का देश। यह भारत है, जहां केवल भारतीय संविधान का शासन होगा।”

अनुराग ठाकुर ने अंत में जोर देते हुए कहा कि यह वक्फ विधेयक देश में सुधार की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो न केवल वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग को रोकेगा, बल्कि मुस्लिम समुदाय के लिए समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब तुष्टीकरण की राजनीति का समय समाप्त हो चुका है, और देश को केवल संविधान और कानून के अनुसार ही चलाया जाएगा।

यह विधेयक देश की समग्र प्रगति और समानता के प्रति एक मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, और यह सुनिश्चित करता है कि भारतीय संविधान की शक्ति और न्याय की अवधारणा हर नागरिक पर लागू होगी, चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या समुदाय का हो।

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Author: SPP BHARAT NEWS

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