परिणाम बस एक पड़ाव है

कलियों से महके, खिलते गुलाब हो तुम,
भारत की धरती का सुनहरा ख्वाब हो तुम।
आने दो परिणाम, जो भी रंग लाए,
जीवन की बगिया के अनमोल पराग हो तुम।
अंकों की दौड़ में, मत खुद को तोलो,
हर कोशिश की अपनी कीमत है अनमोल।
कम ज्यादा क्या, यह तो बस है लेखा-जोखा,
तुम्हारी प्रतिभा का नहीं यह सच्चा झोंका।
गर मनचाहा न हो, तो मत होना उदास,
यह अंत नहीं, है नए पथ का आभास।
छिपी हैं क्षमताएं, भीतर तुम्हारे अनगिनत,
एक राह जो बंद हो, खुलती हैं सौ सौ खास।
तुम जिगर के टुकड़े, माँ-बाप की हो शान,
तुम्हारी हँसी से रोशन होता हर जहान।
हताशा के बादल जो घेरें कभी मन को,
याद रखना, तुम हो अनमोल, सबसे महान।
यह इम्तिहान तो बस, एक छोटी सी कड़ी है,
आगे तो पूरा जीवन, बांहें पसारे खड़ी है।
उठो, बढ़ो, विश्वास रखो अपनी शक्ति पर,
असफलता में भी छिपी, सफलता की कड़ी है।
मत सोचना अकेले हो, हर पल हैं साथ,
माँ-बाप का प्यार, गुरुओं का आशीष है हाथ।
जिंदगी की राहों में, गिरना भी उठना भी,
हर अनुभव सिखाता है, एक नया ही पाठ।
इसलिए मेरे बच्चों, खुलकर जीना सीखो,
परिणाम जो भी आए, हँसना तुम सीखो।
तुम देश का भविष्य, तुम हो कल की आशा,
हर चुनौती से लड़ना, रखना ये अभिलाषा।
Author: SPP BHARAT NEWS






