अधर्म पर धर्म की जीत है होली महापर्व: राजेश दास।
सत्तराम पंथ ने हर्षोल्लास से मनाया होली महापर्व।
रिपोर्ट : वैभव तिवारी, यूपी
कुशीनगर जनपद के सेवरही विकास खण्ड अन्तर्गत सलेमगढ़ सत्तराम पंथ आश्रम पर होली कार्यक्रम मनाया गया जिसमें दूर दूर से आए हुए श्रद्धालु उपस्थित रहे और एक दूसरे को गुलाल अबीर लगाकर बधाई दिया तथा होली दहन और भक्त राज प्रहलाद की कथा सुनी। उल्लेखनीय है कि होली महापर्व बड़े ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ ग्रामीण अंचल से लेकर महानगरों सहित पूरे देश में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में सलेमगढ़ आश्रम के अध्यक्ष वरिष्ठ गुरुभाई राजेश दास उर्फ गाम्हा मद्धेशिया ने कहा कि होली महापर्व साल में एक बार मनाया जाता जो अधर्म पर धर्म की जीत बुराई पर अच्छाई की जीत और अंधकार से प्रकाश की ओर चलने कि यात्रा है। पुराणों के अनुसार सतयुग में असुर राजा हिरणाकश्यप के घर में भक्त शिरोमणि बाल संत प्रहलाद जी का जन्म हुआ, भक्त प्रहलाद जन्म से ही प्रभु का राम नाम निरंतर जप करते रहते थे जबकि उनके पिता असुरराज हिरणाकश्यप स्वयं को भगवान घोषित कर अपनी राज में खुद की पूजा करवाते थे। अपने बालक को ईश्वर की उपासना देख कर पहले तो चेतावनी दिया फिर भी भक्त प्रहलाद नहीं माने तो उनके पिता ने कठोर दंड देते हुए नदी में फेंकवाए फिर प्रहलाद प्रभु के कृपा से बच गए तो उनको पहाड़ से फेंकवा दिया उससे भी नहीं हुआ तो उनको खौलते गर्म तेल में डाल दिया फिर भी भक्त प्रहलाद बच गए अंत उनके पिता ने अपनी बहन होलिका को आदेश दिया कि भक्त प्रहलाद को मार डाले, होली शिव और ब्रह्म से वरदान पाई थी कि चादर ओढ़ कर आग में बैठने से नहीं जलेगी। राक्षसों ने चिता सजा दिया और होलिका ने भक्त प्रहलाद को अपनी गोद में लेकर बैठ गई फिर आग लगा दिया गया लेकिन भगवान के कृपा से प्रहलाद बच गए और होलिका जल गई। उसके बाद भगवान स्वयं प्रकट होकर हिरणाकश्यप को नरसिंह अवतार लेकर अंत किया तथा अपने भक्त प्रहलाद की रक्षा की। जिसके उपलक्ष्य में संतो भक्तों और समस्त जनमानस ने होली मनाना शुरू किया और एक दूसरे पर अबीर गुलाल लगाकर कर खुशी का इज़हार किया। इस अवसर पर कौशल सिंह, कृपा गुप्ता, अभिषेक, राजेश, उपेन्द्र, अंकित, हरि, रामायण, रामसागर आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Author: SPP BHARAT NEWS






