अनुराग के परिजनों ने की सीबीसीआईडी जांच की मांग

कुशीनगर : अनुराग के अपहरण की घटना को पुलिस को हल्के में लेना परिजनों के लिए भारी पड़ गया इतना ही नहीं पुलिस परिजनों को झूठा आश्वासन देती रही। पुलिस का तर्क था कि वह शादी नहीं करना चाहता है, इसलिए घर छोड़कर चला गया है। उसकी तलाश की जा रही है, जल्द ही घर लौटेगा।
जांच में लगी पुलिस टीमें अपने उच्चाधिकारियों को भी सामान्य मामला बताकर गुमराह करती रहीं और मोबाइल चालू होने का इंतजार करते रहे। 57 दिन बाद जब अनुराग की लाश गंडक नदी में मिली तो एसपी से अनुराग का भाई मिला और पुलिस से भरोसा उठने का तर्क देते हुए शिकायती पत्र देकर मामले की सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की है। घटना से लेकर अभी तक पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई भी सवालों के घेरे में है। रामकोला थाना क्षेत्र के पकड़ी बांगर गांव निवासी अभिलाष श्रीवास्तव का भाई अनुराग श्रीवास्तव 19 जनवरी को अपनी शादी का कार्ड लाने घर से दुकान पर गया था। शाम को अभिलाष को फोन कर कहा कि नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के नहर के पास बाइक है आकर ले जाओ, इसके बाद से वह लापता हो गया। अभिलाष गया तो बाइक वहीं थी और चाबी भी लगी थी। अभिलाष की तहरीर पर नेबुआ नौरंगिया पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर लिया।
अनुराग की शादी फरवरी में था। इसके लिए पीड़ित परिवार एसपी से मिलकर उसे शादी से पहले ढूंढ़ने की मांग किए थे। एसपी संतोष मिश्रा ने गंभीरता से लेते हुए स्वॉट टीम, सर्विलांस टीम के अलावा नेबुआ नौरंगिया और रामकोला पुलिस को लगाया था। पुलिस कई दिनों तक हाथ पांव मारी। लापता युवक का मोबाइल बंद होने के कारण उसका लोकेशन नहीं ट्रेस कर पाई, जबकि इसके संपर्क में रहने वाले लोगों से सीडीआर के आधार पर पूछताछ की थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला और शादी की तिथि पर युवक नहीं पहुंचा तो उसका रिश्ता भी टूट गया। जांच में लगी पुलिस टीम सिर्फ मोबाइल नंबर के भरोसे जांच कर रही थी। 16 मार्च को विशुनपुरा थाना क्षेत्र के गंडक नदी में युवक की लाश मिली। जेब से मिले मोबाइल को जब चालू किया तो घरवालों का फोन गया।
Author: SPP BHARAT NEWS






