भारत सरकार ने डिजिटल मीडिया और वेब पोर्टल्स के लिए भी कुछ नई गाइडलाइनों की घोषणा
भारत सरकार ने डिजिटल मीडिया और वेब पोर्टल्स के लिए भी कुछ नई गाइडलाइनों की घोषणा की है, जिससे इन प्लेटफार्मों की पारदर्शिता, सुरक्षा और नियमितता बढ़ाई जा सके। इन गाइडलाइनों का उद्देश्य डिजिटल मीडिया को अधिक जिम्मेदार और नियंत्रित बनाना है, ताकि गलत सूचनाओं, भ्रामक समाचारों और अफवाहों पर रोक लगाई जा सके और आम जनता को सही जानकारी प्राप्त हो।
यहां इन गाइडलाइनों और नियमों का विस्तार से विवरण दिया गया है:
### **1. प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के तहत पंजीकरण:**
– **डिजिटल समाचार पोर्टल्स के लिए पंजीकरण:** भारत सरकार ने डिजिटल मीडिया और वेब पोर्टल्स को प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के तहत पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया है। PIB से पंजीकरण के बाद, इन पोर्टल्स को सरकारी विज्ञापनों और अन्य सहायता सेवाओं के लिए पात्र माना जाएगा।
– पंजीकरण के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसमें पोर्टल को अपनी वेबसाइट और संबंधित विवरण प्रस्तुत करने होंगे।
– PIB पंजीकरण के तहत पोर्टल्स को **सत्यापन** और **जवाबदेही** की प्रक्रिया से गुजरना होगा।
### **2. डिजिटल मीडिया की निगरानी और नियमितता:**
– डिजिटल समाचार पोर्टल्स को अपनी **सामग्री की नियमितता** सुनिश्चित करनी होगी। सरकार के पास यह अधिकार होगा कि वह समय-समय पर पोर्टल्स की सामग्री की जांच करे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी गलत सूचना या अफवाह फैलाने का कार्य नहीं किया जा रहा।
– प्रत्येक वेब पोर्टल को अपनी **साप्ताहिक/मासिक रिपोर्ट** सरकार को भेजनी होगी, जिसमें उनकी प्रकाशित सामग्री की जानकारी, पाठकों की संख्या, और अन्य आंकड़े शामिल होंगे।
### **3. गलत सूचनाओं और अफवाहों पर नियंत्रण:**
– सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि वेब पोर्टल्स पर **गलत सूचना, अफवाहों और भ्रामक समाचारों** के प्रसार पर नियंत्रण रखा जाए।
– यदि कोई समाचार पोर्टल गलत या भ्रामक जानकारी फैलाता है, तो सरकार उसे **ब्लॉक** करने या उसके खिलाफ **कार्रवाई** कर सकती है।
– **फैक्ट-चेकिंग और सत्यापन**: पोर्टल्स को यह निर्देश दिया गया है कि वे प्रकाशित करने से पहले किसी भी सूचना का **फैक्ट-चेक** करें और उसकी **सत्यता** की जांच करें। अगर कोई जानकारी गलत पाई जाती है, तो उसे तुरंत सुधारें या हटा दें।
### **4. डेटा सुरक्षा और गोपनीयता:**
– सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि डिजिटल मीडिया प्लेटफार्मों को अपने उपयोगकर्ताओं की **गोपनीयता** और **डेटा सुरक्षा** को लेकर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
– वेब पोर्टल्स को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि वे अपनी साइटों पर उपयोगकर्ताओं के डेटा को सुरक्षित रखें और किसी भी प्रकार की **गोपनीयता उल्लंघन** से बचें।
– किसी भी डेटा उल्लंघन की स्थिति में, संबंधित पोर्टल्स को **तत्काल सूचित** करना होगा और उसका समाधान करना होगा।
### **5. डिजिटल मीडिया के लिए नोडल एजेंसी का गठन:**
– भारत सरकार ने **डिजिटल मीडिया की निगरानी** के लिए एक **नोडल एजेंसी** का गठन किया है। इस एजेंसी का मुख्य कार्य ऑनलाइन समाचार पोर्टल्स और वेब मीडिया के कामकाज की निगरानी करना, नियमों का पालन सुनिश्चित करना और किसी भी विवादास्पद सामग्री पर कार्रवाई करना होगा।
– यह एजेंसी वेब पोर्टल्स से संबंधित किसी भी शिकायत या आपत्ति पर त्वरित प्रतिक्रिया देने का काम करेगी।
### **6. क्यूआर कोड-आधारित डिजिटल प्रमाणपत्र:**
– जैसे कि प्रिंट मीडिया के समाचार पत्रों को क्यूआर कोड-आधारित प्रमाणपत्र मिलता है, वैसे ही वेब पोर्टल्स को भी एक **डिजिटल प्रमाणपत्र** जारी किया जाएगा।
– यह प्रमाणपत्र पोर्टल की वैधता और पहचान को प्रमाणित करेगा। क्यूआर कोड से यह सुनिश्चित होगा कि पोर्टल असली है और इसकी पंजीकरण प्रक्रिया सही है।
### **7. डिजिटल समाचार पोर्टल्स के लिए शर्तें:**
– डिजिटल समाचार पोर्टल्स को यह शर्तें दी गई हैं कि वे **स्वयं का संपादकीय बोर्ड** बनाएंगे, जो सामग्री के नियंत्रण और गुणवत्ता को सुनिश्चित करेगा।
– समाचार पोर्टल्स को अपने लेखकों और पत्रकारों की **पारदर्शिता** बनाए रखने के लिए उनके **प्रोफाइल** और **पात्रता** का सार्वजनिक रूप से खुलासा करना होगा।
### **8. विधिक कार्रवाई:**
– यदि कोई वेब पोर्टल या डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म सरकारी दिशानिर्देशों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ **विधिक कार्रवाई** की जाएगी।
– इस कार्रवाई के तहत, पोर्टल को **ब्लॉक** किया जा सकता है, या उसके **पंजीकरण को रद्द** किया जा सकता है।
– इसके अलावा, यदि किसी पोर्टल ने गलत सूचना या अफवाह फैलाने में भाग लिया, तो उसे **आर्थिक दंड** या **जेल की सजा** भी हो सकती है।
### **9. मीडिया साक्षात्कार और सत्यापन प्रक्रियाएं:**
– डिजिटल मीडिया के लिए एक **साक्षात्कार प्रक्रिया** को भी अनिवार्य किया गया है, जिसमें किसी भी महत्वपूर्ण खबर या बयान से पहले उसकी सत्यता का **सत्यापन** किया जाएगा।
– पोर्टल्स को हर खबर के स्रोत और तथ्यों का उल्लेख करना होगा, जिससे पाठक को पूरी जानकारी मिल सके कि खबर कहां से आई है और उसकी विश्वसनीयता क्या है।
### **गाइडलाइन का उद्देश्य:**
1. **पारदर्शिता बढ़ाना**: डिजिटल मीडिया में पारदर्शिता लाना, ताकि लोगों को विश्वसनीय और सटीक जानकारी मिल सके।
2. **गलत सूचनाओं पर नियंत्रण**: गलत सूचना और अफवाहों का प्रसार रोकना।
3. **नियमितता और जवाबदेही**: वेब पोर्टल्स को नियमित रूप से अपनी गतिविधियों की रिपोर्टिंग करनी होगी, जिससे उनका संचालन अधिक जिम्मेदार बने।
### **निष्कर्ष:**
ये गाइडलाइंस डिजिटल मीडिया और वेब पोर्टल्स को नियंत्रित करने के लिए बनाई गई हैं। इसका उद्देश्य एक जिम्मेदार और पारदर्शी डिजिटल मीडिया प्लेटफार्म बनाना है, जो समाज में सही जानकारी फैलाने का कार्य करता है। साथ ही, यह कदम गलत सूचनाओं और अफवाहों को नियंत्रित करने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
Author: SPP BHARAT NEWS






