यूपी में वज्रपात और आंधी-तूफान से तबाही: 22 की मौत – दर्जनों मवेशी हताहत, सीएम ने राहत राशि का किया ऐलान

अप्रैल 2025 की बड़ी प्राकृतिक आपदा रिपोर्ट:
उत्तर प्रदेश में गुरुवार को आए भारी वज्रपात और आंधी-तूफान ने कई जिलों में भारी तबाही मचाई। राज्य राहत आयुक्त कार्यालय के मुताबिक, 22 लोगों की मौत, 45 पशुहानि और 15 मकानों को नुकसान हुआ है। यह तबाही उत्तर प्रदेश के 18 से अधिक जिलों में दर्ज की गई है।
जिलेवार जनहानि का विवरण:
आकाशीय बिजली से मौतें (19)
– फतेहपुर – 3
– आजमगढ़ – 3
– फिरोजाबाद – 2
– कानपुर देहात – 2
– सीतापुर – 2
– गाजीपुर, गोंडा, अमेठी, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर – 1-1
आंधी-तूफान से मौतें (3)
– बलिया, कन्नौज, बाराबंकी, जौनपुर – 1-1 (बाराबंकी में दो मौतें दर्ज)
पशु और मकान क्षति का विवरण:
पशुहानि (45 कुल)
– गाजीपुर – 17
– चंदौली – 6
– बलिया – 5
– अंबेडकरनगर और बलरामपुर – 3-3
– गोंडा – 3
– सुल्तानपुर – 2
– अमेठी, कन्नौज, गोरखपुर, फतेहपुर – 1-1 (फतेहपुर में आग से)
मकान क्षति (15 कुल)
– गाजीपुर, सुल्तानपुर, लखीमपुर खीरी – 2-2
– बलिया, गोंडा, बाराबंकी, अम्बेडकरनगर, गोरखपुर, औरैया, हरदोई, लखनऊ, मऊ – 1-1
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रियाएं और राहत घोषणाएं:
– जनहानि पर परिजनों को ₹4 लाख की तत्काल राहत राशि देने का आदेश।
– पशुहानि मुआवजा:
– बड़े दुधारू पशु – ₹37,500
– छोटे दुधारू पशु – ₹4,000
– बड़े गैर-दुधारू पशु – ₹32,000
– छोटे गैर-दुधारू पशु – ₹20,000
– मकान क्षति और फसल नुकसान का आकलन कर जल्द रिपोर्ट देने का निर्देश।
– अधिकारियों को निर्देश:
– प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करें
– राहत कार्यों की निगरानी करें
– हर संभव सहायता तत्काल प्रदान करें
– घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करें
यह प्राकृतिक आपदा उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी चेतावनी है, जिसमें न केवल मानव जीवन का नुकसान हुआ बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था — विशेषकर कृषि और पशुधन को भी गहरा धक्का लगा है। राज्य सरकार की तत्काल राहत कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन ऐसे हालात में स्थायी आपदा प्रबंधन रणनीति और पूर्व चेतावनी प्रणाली को और सशक्त करने की आवश्यकता है।
Author: SPP BHARAT NEWS






