???? श्री गणेशाय नमः ????
गणपति बप्पा मोरया!
भाद्र शुक्ल चतुर्थी का दिन श्री गणेश की उपासना का अद्भुत पर्व है। इस दिन प्रतिमा-स्थापना के साथ ही सिद्धि-सदन, गज-वदन विनायक की पूजा प्रारम्भ हो जाती है। दस दिन तक सतत अर्चना के पश्चात भाद्र शुक्ल चतुर्दशी को भगवान गणेश जल-समाधि ले लेते हैं। यह अंत नहीं, बल्कि उनकी अनन्तता का प्रतीक है। इसी कारण इस तिथि को अनंत चतुर्दशी भी कहा जाता है।
प्रथम पूज्य श्री गणेश
गणेश जी सिद्धि के देवता हैं। अतः किसी भी कार्य की सफलता और पूर्णता के लिए सबसे पहले उनकी ही वंदना की जाती है। संत तुलसीदास ने रामचरितमानस के प्रारंभ में गणपति वंदना करते हुए लिखा—
“जेहि सुमिरत सिद्धि होय, गणनायक करिवर वदन
करहु अनुग्रह सोई, बुद्धि राशि शुभ गुण सदन।”
धार्मिक हो, सामाजिक हो या सांस्कृतिक—हर अनुष्ठान का आरंभ श्री गणेश वंदना से ही होता है। “श्री गणेशाय नमः” केवल एक मंत्र नहीं, बल्कि शुभारंभ का पर्याय बन चुका है।
गणेश – ज्ञान, शक्ति और बुद्धि के अधिष्ठाता
गणेश जी भगवान शंकर और माता पार्वती के पुत्र हैं।
शिव ज्ञान के देवता हैं।
पार्वती आदि-शक्ति हैं।
और गणेश बुद्धि-दाता तथा विघ्नहर्ता हैं।
इसीलिए धार्मिक कार्यों में सर्वप्रथम गौरी-गणेश की स्थापना और पूजा होती है।
“विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय,
लम्बोदराय सकलाय जगद्धिताय।
नागाननाय सुरयज्ञ विभूषिताय,
गौरीसुताय गणनाथ नमो नमस्ते॥”
अनादि और अनन्त गणेश
गणेश का प्राकट्य किसी भौतिक जन्म का परिणाम नहीं है। यही कारण है कि शिव-पार्वती के विवाह से पूर्व भी गणेश की पूजा होती रही। शास्त्रों में गणेश को अनादि कहा गया है—
“मुनि अनुशासन गनपतिहि, पूजे शंभु भवानि।
कोउ मन संशय करै जनि, सुर अनादि जिय जानि॥”
आध्यात्मिक और वैदिक दृष्टि
आध्यात्मिक दृष्टि से : आकाश और उसकी शब्द-तन्मात्रा गणेश हैं।
यौगिक दृष्टि से : मूलाधार चक्र में स्थित शक्ति ही गणेश हैं।
वैदिक मंत्र में : “गणानां त्वा गणपतिं हवामहे” – यही गणेश की प्राचीन उपासना का प्रमाण है।
ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार—
ग अक्षर ज्ञान का वाचक है।
ण अक्षर निर्वाण का प्रतीक है।
इन दोनों के ईश ही परब्रह्म गणेश हैं।
“ज्ञानार्थ वाचको गश्च, णश्च निर्वाण वाचकः।
तयोरीशं परब्रह्म गणेशं प्रणमाम्यहम्॥”
गणेश महिमा – अपरम्पार
अनादि और अनन्त गणेश की कथा व महिमा का वर्णन असीम है। वे केवल विघ्नहर्ता ही नहीं, बल्कि ज्ञान, बुद्धि, सिद्धि और निर्वाण के अधिपति हैं।
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✨ भक्तों को गणेश चतुर्थी के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ : नवीन चंद्र प्रसाद
???? गणपति बप्पा मोरया! ????
✍️ साभार – श्री दानेश्वर शर्मा द्वारा लिखित “लोक-दर्शन”
???? प्रस्तुति : नवीन चन्द्र प्रसाद
Author: SPP BHARAT NEWS






