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धनतेरस 2026: सोना-चांदी ही नहीं, असल धन है ‘आरोग्य’—जानें धन्वंतरि पूजा का आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व

धनतेरस 2026: सोना-चांदी ही नहीं, असल धन है ‘आरोग्य’—जानें धन्वंतरि पूजा का आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व

​धनतेरस का सही अर्थ सिर्फ बर्तन या सोना-चांदी खरीदना नहीं है, बल्कि भगवान धन्वंतरि की आराधना कर पहला सुख यानी ‘निरोगी काया’ प्राप्त करना है। जानिए इस दिन की पौराणिक कथा, यम दीपदान और पूजन विधि।

​स्वरूप: कैसे हुआ भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य?

​पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब देवताओं और असुरों द्वारा समुद्र मंथन किया जा रहा था, तब कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी के दिन भगवान विष्णु के अंशावतार भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए।

​उनके हाथों में अमृत कलश, शंख, चक्र और दिव्य औषधियां थीं। उन्हीं के प्राकट्य दिवस को धन्वंतरि त्रयोदशी यानी धनतेरस के रूप में मनाया जाता है।

​💡 आध्यात्मिक अर्थ: “पहला सुख निरोगी काया”

​हमारे शास्त्रों में सबसे बड़ा धन स्वास्थ्य माना गया है:

  • ​घर में सोना-चांदी भले ही कितना भी क्यों न हो, यदि शरीर में गंभीर रोग आ जाए तो सारा धन अस्पताल और दवाइयों में खर्च हो जाता है।
  • ​इसीलिए सनातन परंपरा में दीपावली पर लक्ष्मी पूजन से ठीक दो दिन पहले आरोग्य (स्वास्थ्य) के देवता धन्वंतरि की पूजा का विधान है।
  • ​सीधा संदेश: जहाँ स्वास्थ्य और आरोग्य है, वहीं देवी लक्ष्मी का स्थाई वास होता है।

​⚕️ धार्मिक मान्यता व यम दीपदान का महत्व

  1. ​आयुर्वेद के जनक: भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद का जनक माना जाता है। सभी चिकित्सक, वैद्य और आयुर्वेदाचार्य इन्हें अपना परम गुरु मानते हैं।
  2. ​यम दीपदान (अकाल मृत्यु से रक्षा): धनतेरस की शाम को घर के बाहर दक्षिण दिशा में यमराज के नाम से एक दीपक जलाया जाता है। मान्यता है कि इससे घर से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार में दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।

​📝 धनतेरस पर क्या करें? (सरल पूजन विधि)

  1. ​प्रातः पूजन: सुबह स्नान के बाद भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और धन के कोषाध्यक्ष कुबेर देव का ध्यान व पूजन करें।
  2. ​शुभ खरीदारी: इस दिन सोना-चांदी के अलावा पीतल या तांबे के बर्तन, झाड़ू, औषधियां और खड़ी हल्दी खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है।
  3. ​शाम को यम दीपदान: संध्या समय घर के मुख्य द्वार पर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके यमराज के नाम का 1 दीपक अवश्य जलाएं।
  4. ​मंत्र जप: “ॐ धन्वंतरये नमः” का 108 बार जप करें।
  5. ​आरोग्य प्रार्थना: घर में किसी बीमार व्यक्ति के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना भगवान धन्वंतरि से करें।

​🕉️ धन्वंतरि स्तोत्र एवं मंत्र

​धन्वंतरि महामंत्र (स्तोत्र):

​“ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतरये।

अमृतकलश हस्ताय सर्वभय विनाशाय सर्वरोग निवारणाय

त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूपाय

श्री धन्वंतरिस्वरूपाय श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥”

 

​सरल एवं प्रभावशाली मंत्र:

  • ​ॐ धन्वंतरये नमः
  • ​ॐ नमो भगवते धन्वंतरये अमृतकलशहस्ताय नमः

​✨ धन्वंतरि पूजन का माहात्म्य एवं फल

​भगवान धन्वंतरि की कृपा से:

    • ​🩺 असाध्य रोगों का भय समाप्त होता है।
    • ​🌿 दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है।
    • ​🧠 मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
    • ​🪙 आरोग्य के साथ-साथ घर में स्थायी सुख-समृद्धि आती है।

​याद रखें: पहले स्वास्थ्य, फिर धन। पहले धन्वंतरि, फिर धनदा लक्ष्मी।

 

​आप सभी को धन्वंतरि जयंती एवं धनतेरस की अनंत शुभकामनाएं! 🚩

    • ​ससंकलन: ✍️ पंडित निरज तिवारी (SPP BHARAT NEWS)

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Author: SPP BHARAT NEWS

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